Tribunal Litigation & Remedies

DRT से बैंक के कब्जे पर Stay कैसे लें?

बैंक द्वारा गिरवी संपत्ति की नीलामी अथवा जबरन कब्जे की कार्रवाई को रोकने के लिए Debts Recovery Tribunal (DRT) के समक्ष Securitisation Application (SA) सबसे प्रभावी न्यायिक विकल्प है।

DRT से बैंक के कब्जे और नीलामी पर Stay Order कैसे लें?

Securitisation Application (SA) की संरचना

जब बैंक धारा 13(4) का नोटिस देता है, धारा 14 के अंतर्गत आदेश प्राप्त करता है, अथवा सार्वजनिक ई-नीलामी का विज्ञापन जारी करता है, तो इन सभी कार्यवाहियों को SARFAESI Act की धारा 17 के अधीन Debts Recovery Tribunal में चुनौती दी जाती है।

ट्रिब्यूनल से स्थगन आदेश प्राप्त करने की विधिक प्रक्रिया

  1. अभिलेखों का संकलन: बैंक द्वारा निर्गत धारा 13(2), 13(4) नोटिस, ऑक्शन नोटिस, मजिस्ट्रेट का धारा 14 आदेश और लोन अकाउंट स्टेटमेंट एकत्र किए जाते हैं।
  2. विधिक याचिका व तत्काल स्टे अर्जी: विशेषीकृत अधिवक्ता द्वारा ट्रिब्यूनल के प्रक्रियात्मक नियमों के अनुसार याचिका (SA) और आपातकालीन स्थगन आवेदन तैयार किया जाता है।
  3. e-DRT फाइलिंग एवं विशेष मेंशनिंग: नीलामी अथवा कब्जे की नियत तिथि को ध्यान में रखते हुए पीठासीन अधिकारी के समक्ष तत्काल सुनवाई (Urgent Mentioning) की जाती है।
  4. तथ्यात्मक बहस एवं अंतरिम आदेश: यदि बैंक की कार्रवाई में विधिक प्रक्रिया का उल्लंघन दर्शित होता है, तो ट्रिब्यूनल पजेशन और नीलामी की कार्यवाही पर अंतरिम रोक (Stay) लगा देता है।
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इस विषय पर विस्तृत कानूनी प्रक्रिया व समाधान समझने के लिए ऊपर दिया गया वीडियो देखें।

स्थगन आदेश प्राप्त करने के प्रमुख विधिक आधार

  • धारा 13(3A) के अनिवार्य अनुपालन का अभाव: यदि उधारकर्ता की आपत्ति का बैंक द्वारा सकारण निस्तारण नहीं किया गया।
  • अवास्तविक कम आरक्षित मूल्य (Undervaluation): यदि बैंक ने परिसंपत्ति का रिजर्व प्राइस वास्तविक बाजार मूल्य से अत्यधिक कम आंका है।
  • वैधानिक 30-दिवसीय नीलामी सूचना की कमी: प्रथम नीलामी हेतु व्यक्तिगत 30-दिवसीय सूचना एवं दो प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशन अनिवार्य है।
  • NPA वर्गीकरण में प्रक्रियात्मक त्रुटि: यदि खाता RBI के विहित दिशा-निर्देशों के अनुरूप NPA नहीं था।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

क्या DRT में याचिका दाखिल करने हेतु बकाया राशि का 50% जमा करना पड़ता है?

नहीं। धारा 17 के तहत DRT में केस दाखिल करने के लिए कोई पूर्व जमा (Pre-deposit) अनिवार्य नहीं है। 50% प्री-डिपॉजिट की शर्त केवल DRAT (अपीलीय ट्रिब्यूनल) में लागू होती है।

कंडीशनल स्टे (Conditional Stay) क्या होता है?

कई बार ट्रिब्यूनल बैंक के नुकसान को संतुलित करने के लिए कुल बकाया का एक छोटा हिस्सा (10% से 20%) कुछ हफ्तों में जमा करने की शर्त पर बैंक के कब्जे और नीलामी पर रोक लगा देता है।

मध्य प्रदेश में DRT कहां स्थित है?

मध्य प्रदेश राज्य के सभी जिलों के लिए Debts Recovery Tribunal (DRT), जबलपुर में स्थित है।

विधिक परामर्श

Chamber of Hanmat Lodhi Advocate

सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया, नई दिल्ली एवं उच्च न्यायालय मध्य प्रदेश (जबलपुर) में नियमित पैरवी। किसी भी SARFAESI व DRT नोटिस पर विधिक परामर्श के लिए संपर्क करें।